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<item><title>एक अस्तित्त्व का सृजण था ,,</title><author>Binay Pandey</author><link>http://www.bhojpatra.com/pathakrss.asp?a_id=145</link><description>ज्ञान बोध जगाती,&lt;br&gt;एक भाव का अवतरण था.&lt;br&gt;&lt;br&gt;दूर दूर राह भागती,&lt;br&gt;इच्छा का अंकुरण था.&lt;br&gt;&lt;br&gt;नयनों को निहारती&lt;br&gt;नेह का निमण्त्रण था.&lt;br&gt;&lt;br&gt;सर्वस्व अर्पण करती,&lt;br&gt;एक अस्तित्त्व का सृजण था.</description><pubDate>4/16/2008</pubDate></item><item><title>खनकती सी हॅसी थी..</title><author>Jason sahni</author><link>http://www.bhojpatra.com/pathakrss.asp?a_id=144</link><description>खनकती सी हॅसी थी &lt;br&gt;जिस पे मै फिदा था&lt;br&gt;खूबसूरत से अलफाज थॆ&lt;br&gt;जिन पे मर मिटा था&lt;br&gt;इक सरगोशी थी बातो मे&lt;br&gt;जिस से मै खीचा था&lt;br&gt;दिल बे-इखतियार था&lt;br&gt;ईक तार सा हिला था&lt;br&gt;प्यार यूँ जगेगा&lt;br&gt;इसका क्या पता था&lt;br&gt;रोशनी का सफर था&lt;br&gt;या रतजगा था&lt;br&gt;हिना की खूशबू थी&lt;br&gt;या दिल मेरा जला था&lt;br&gt;ये ऍहसास की तसदीक थी&lt;br&gt;या करबला था&lt;br&gt;खवाब था या सच था&lt;br&gt;इसका क्या पता था</description><pubDate>3/22/2008</pubDate></item><item><title>हिंदीभाषियों पर हमला दुखद - पाटिल</title><author>Binay Pandey</author><link>http://www.bhojpatra.com/pathakrss.asp?a_id=143</link><description>हिंदीभाषियों पर हमला दुखद Mar 19, 01:43 pm&lt;br&gt;&lt;br&gt;नई दिल्ली। सरकार ने मणिपुर में हिंदी भाषियों पर मंगलवार को हुए हमले की घटना पर खेद व्यक्त करते हुए दोषी व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का भरोसा जताया तथा राज्य सरकारों को ऐसी घटनाएं रोकने के लिए ऐहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। &lt;br&gt;&lt;br&gt;केंद्रीय गृहमंत्री शिवराज पाटिल ने बुधवार को राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान कहा कि भाषाई आधार पर किसी एक राज्य में नहीं बल्कि कई राज्यों में हिंदी भाषियों को निशाना बनाने की घटनाएं हुई है, जो अत्यंत दुखद हैं। &lt;br&gt;&lt;br&gt;उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं का उद्देश्य राज्य में अशांति पैदा करना और आर्थिक विकास में अड़चन डालने की कोशिश करना है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकारों से ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए उन इलाकों की पहचान करने को कहा गया है। पाटिल ने कहा कि उन इलाकों में पुलिस बल बढ़ाकर ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं मणिपुर में ही नहीं बल्कि दक्षिण और पश्चिम के राज्यों में हो रही हैं। पाटिल ने कहा कि वहीं भाषाई आधार पर तो कई राज्य और धर्म के नाम पर राज्य को कमजोर करने के इरादे से लोगों पर हमले की घटनाएं हो रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे हमले करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। &lt;br&gt;साभार :: जागरण - याहू &lt;br&gt;http://in.jagran.yahoo.com/news/national/politics/5_2_4280736.html&lt;br&gt;&lt;br&gt;&lt;br&gt;</description><pubDate>3/19/2008</pubDate></item><item><title>हिन्दी भाषियों पर कहर.</title><author>Binay Pandey</author><link>http://www.bhojpatra.com/pathakrss.asp?a_id=141</link><description>पिछले कुछ दिनों से बहुत दुःखद व विचलित कर देने वाले समाचार आ रहें हैं.&lt;br&gt;यह हमारे देश और समाज के लिये कतई ठीक नहीं.&lt;br&gt;हमारे नवयुवक को क्या सीख मिलेगी राज ठाकरे की ऒछी राजनीति से?&lt;br&gt;महाराष्ट्र का हित देश से बड़ा नहीं है.&lt;br&gt;हिन्दी भाषियों पर कहर अपराध है लेकिन केन्द्र सरकार मूक है.राज ठाकरे की गिरफ्तारी क्यों नहीं हो करवा रही है?&lt;br&gt;&lt;br&gt;क्या वोट कि राजनीति देशमुख सरकार को डरा रही है?&lt;br&gt;&lt;br&gt;क्या वोट कि राजनीति देश व देशवासियों के हितों से बड़ी है?&lt;br&gt;&lt;br&gt;अगर ऐसा है तो यह सरासर गलत है. आप क्या सोंचते हैं? व्यक्त कीजिए अपने विचारों को?&lt;br&gt;&lt;br&gt;राँची. ७ फरवरी -२००७&lt;br&gt;</description><pubDate>2/6/2008</pubDate></item><item><title>विश्वास</title><author>shivya singhal</author><link>http://www.bhojpatra.com/pathakrss.asp?a_id=140</link><description>मिल गये हैं पंछी को वापिस उसके पर, &lt;br&gt;उड़ रहा है ये फिर अपने दम पर,&lt;br&gt;बज रहे हैं वीणा में, नव स्वर, नयी तरंग,&lt;br&gt;झूम रहा है इस धुन पर मन भी संग संग,&lt;br&gt;मौसम भी अचानक ये क्या बदलाव लाया है,&lt;br&gt;तपतपाती गर्मी में झूम के सावन आया है.&lt;br&gt;नाचने लगा है मन मयूर,&lt;br&gt;मायूसी होने लगी है दूर,&lt;br&gt;मेरे अंदर का घना कोहरा अब छ्टने लगा है,&lt;br&gt;मन मे आया था जो सैलाब , अब घटने लगा है,&lt;br&gt;दिखाई दे रही है नयी दिशा, नयी आस,&lt;br&gt;फिर मेरे साथ है मेरा हौंसला, मेरा विश्वास</description><pubDate>12/29/2007</pubDate></item><item><title>दोस्ती</title><author>shivya singhal</author><link>http://www.bhojpatra.com/pathakrss.asp?a_id=139</link><description>जिसे मन की बात कहने में ना हो संकोच, &lt;br&gt;जो साथ हो आपके हर पल, हर घड़ी, हर रोज़, &lt;br&gt;जो बात बात पर आपसे लड़ता हो, &lt;br&gt;पर आपकी हर इक बात का ध्यान रखता हो, &lt;br&gt;जो मुश्किल पलों को आसान बनाता हो, &lt;br&gt;जो &apos;आप ही सही हो&apos; का अहसास कराता हो, &lt;br&gt;जो थोड़ा सा या काफ़ी अजीब हो, &lt;br&gt;पर फिर भी आपके दिल के क़रीब हो, &lt;br&gt;जो देता हो आपको अथाह सुख, &lt;br&gt;और बाँटता हो आपके सारे दुःख, &lt;br&gt;जो बातों को आपकी ध्यान से सुनता हो, &lt;br&gt;और अपनी बातों को शेयर करने के लिए सिर्फ़ आपको चुनता हो, &lt;br&gt;आप कहा ग़लत हो, वो आपको बताता हो, &lt;br&gt;आपकी हर ग़लती सुधरवता हो, &lt;br&gt;अगर............. &lt;br&gt;है ऐसा साथी आपके साथ, &lt;br&gt;तो कभी ना छूटने देना अपने हाथों से उसका हाथ, &lt;br&gt;क्योंकि &lt;br&gt;दोस्ती से बङ कर नही कोई बंदगी, &lt;br&gt;मेरे लिए तो दोस्ती ही है ज़िंदगी.</description><pubDate>12/29/2007</pubDate></item><item><title>स्याही के सिपाही </title><author>Dr.Rupesh Shrivastava</author><link>http://www.bhojpatra.com/pathakrss.asp?a_id=138</link><description>खोपड़ी की हंड़िया में &lt;br&gt;सवाल की दाल है &lt;br&gt;उत्तरों की छौंक नहीं &lt;br&gt;व्यर्थ का उबाल है , &lt;br&gt;कलम की करछुल का &lt;br&gt;भाल में भूचाल है &lt;br&gt;पेंदी की रगड़ से &lt;br&gt;हाल ये बेहाल है , &lt;br&gt;ओंठो के बीच दबी &lt;br&gt;बीड़ी की नाल है &lt;br&gt;आग फूंक धुंआ खींच &lt;br&gt;राख सा मलाल है , &lt;br&gt;पुष्टि नहीं तुष्टि नहीं &lt;br&gt;जाल है जंजाल है &lt;br&gt;स्वप्निल यथार्थ में &lt;br&gt;कंगाल ये कंकाल है , &lt;br&gt;रौंद दिए सत्य के &lt;br&gt;हाथ में कुछ बाल है &lt;br&gt;बालों की खाल पर &lt;br&gt;उठ रहे बवाल हैं , &lt;br&gt;पत्र-पत्र यत्र-तत्र &lt;br&gt;पत्रकार ताल है &lt;br&gt;सत्यमेव जयते से &lt;br&gt;इनका रक्त लाल है । </description><pubDate>12/26/2007</pubDate></item><item><title>हिन्दी को आदर चाहिए.</title><author>Binay Pandey</author><link>http://www.bhojpatra.com/pathakrss.asp?a_id=136</link><description>हिन्दी को सम्मान चाहिए.&lt;br&gt;हिन्दीभाषी को सम्मान चाहिए.&lt;br&gt;&lt;br&gt;सभी professionals को यह समझना होगा कि हिन्दी हमारी राष्ट्रभाषा है, जब तक हम इसको प्रोत्साहित नहीं करेंगे तब तक हमारा विकास समाज के जड़ तक नहीं पहुँचेगा.&lt;br&gt;हमारे देश में न्यूटन, आईन्सटीन व नोबेल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिकों कि क्यों कमी है?&lt;br&gt;क्या इसका कारण हिन्दी के विकास से नहीं जुड़ा है?&lt;br&gt;आइए गौर करें.&lt;br&gt;&lt;br&gt;बिनय पाण्डेय&lt;br&gt;वरीय प्रबन्धक&lt;br&gt;मेकन राँची.</description><pubDate>12/20/2007</pubDate></item><item><title>वृक्षो को मत तोडो.</title><author>sanjay singh</author><link>http://www.bhojpatra.com/pathakrss.asp?a_id=135</link><description>                    &lt;br&gt;&lt;br&gt;    क्यों वृक्षो को तोडते हो  &lt;br&gt;    क्या जुल्म किया हैं इन वृक्षो ने &lt;br&gt;    थोडा. तो रहम करो मनुष्यो &lt;br&gt;    इनको भी दर्द होता  हैं , कह नहीं सकते &lt;br&gt;    तुम्हें हर बीमारी  से बचाते ये वृक्ष &lt;br&gt;    तुम्हें  तपती धूप ते  बचाते ये वृक्ष&lt;br&gt;    तुम्हें ठंडी शीतल  छाया  देते ये वृक्ष&lt;br&gt;    तुम्हें खाने को फल देते ये वृक्ष &lt;br&gt;    वृक्षो को मत तोडो.&lt;br&gt;   वृक्षो को मत तोडो.&lt;br&gt;</description><pubDate>11/19/2007</pubDate></item><item><title>दूरी</title><author>Pawan Kumar</author><link>http://www.bhojpatra.com/pathakrss.asp?a_id=133</link><description> &lt;br&gt;किस तरह मज़बूर हूँ....बेबस&lt;br&gt;मैं तुमसे दूर&lt;br&gt;दर्द का अहसास है.....बेहद&lt;br&gt;मगर मंज़ूर.&lt;br&gt;देख मैं सकता नहीं....तुमकॊ&lt;br&gt;पराए प्रीत में&lt;br&gt;गा नहीं सकता खुशी के....साथ&lt;br&gt;बरबस गीत मैं.&lt;br&gt;तुम नहीं समझोगी क्या है&lt;br&gt;हाल मेरा जी अभी&lt;br&gt;ज़िन्दगी का स्वप्न.... देखे थे&lt;br&gt;तेरे संग भी कभी.&lt;br&gt;आज वह हालात हैं....महसूस&lt;br&gt;होता है हमें&lt;br&gt;बीच दरिया में हैं.....कश्ति&lt;br&gt;हाथ ना पतवार है.</description><pubDate>10/30/2007</pubDate></item></channel></rss>